Punjab DA Hike: पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर से लागू होगी। सरकार ने यह फैसला कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद लिया है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों और पेंशनरों को तय नियमों के अनुसार मिलेगा।
8 प्रतिशत बढ़ा महंगाई भत्ता
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में कुल 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसे 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों में दिया जाएगा। सरकार की ओर से पहले दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ 1 अक्टूबर से मिलने वाले वेतन में दिखाई देगा।
इस फैसले से राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, बढ़ोतरी का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक सहायता देना है।
DA बढ़ोतरी से जुड़ी जरूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राज्य | पंजाब |
| महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी | 8 प्रतिशत |
| लाभ पाने वाले | राज्य के कर्मचारी और पेंशनर |
| लागू होने की तारीख | 1 सितंबर 2026 |
| बढ़ोतरी का तरीका | 4 प्रतिशत की दो किस्तें |
| वेतन में लाभ | 1 अक्टूबर से मिलने वाले वेतन में |
कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक के बाद फैसला
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में महंगाई भत्ते के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इसके बाद सरकार ने 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की अधिसूचना जारी की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 23 सितंबर को इस फैसले की जानकारी दी गई।
लंबित महंगाई भत्ते को लेकर चल रहा था विवाद
पंजाब में महंगाई भत्ते और दूसरी मांगों को लेकर कर्मचारियों तथा सरकार के बीच कई सप्ताह से विवाद चल रहा था। 27 अगस्त को तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर चले गए थे। उनकी प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते को जारी करना भी शामिल था।
इससे पहले कर्मचारियों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस निर्देश को लागू करने की मांग की थी, जिसमें बकाया महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) का भुगतान दो सप्ताह के भीतर करने की बात कही गई थी। राज्य सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का कहना था कि करीब 14,191 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान इतने कम समय में करना संभव नहीं है।
कर्मचारियों की दूसरी मांगें भी लंबित
महंगाई भत्ते के अलावा कर्मचारी संगठनों ने कई दूसरी मांगें भी रखी हैं। इनमें पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करना, विभिन्न भत्तों को फिर से लागू करना और वेतन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना शामिल है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- पेंशन तय करने के लिए 2.59 का गुणक लागू करना।
- पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल करना।
- विभिन्न भत्तों को फिर से लागू करना।
- सुनिश्चित वेतन वृद्धि योजना (ACP) लागू करना।
- परिवीक्षा अवधि से जुड़े 2015 और 2020 के पत्रों से संबंधित मुद्दों का समाधान करना।
- अदालतों के फैसलों को सामान्य रूप से लागू करना।
सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों से जुड़े उचित मुद्दों पर खुले मन से विचार किया जाएगा और उनके समाधान के लिए बातचीत जारी रखी जाएगी।
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों को क्या मिला
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी को अधिसूचित कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर से लागू होगी और 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों में दी जाएगी। वहीं, लंबित महंगाई भत्ते और कर्मचारियों की दूसरी मांगों पर भी सरकार तथा कर्मचारी संगठनों के बीच चर्चा हुई है।
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