Punjab DA Arrears: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते यानी DA को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पहले दिए गए अदालत के आदेश के अनुसार बकाया DA का भुगतान किया जाना था, लेकिन तय समय में भुगतान नहीं होने को लेकर अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा है।
मुख्य सचिव समेत तीन अधिकारियों को नोटिस
हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब के मुख्य सचिव, वित्त सचिव और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी PSPCL के चेयरमैन को नोटिस जारी किया है। मामला कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया DA/DR का भुगतान करने से जुड़ा है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि पहले अदालत ने बकाया DA के भुगतान को लेकर निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी उन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। इसी को आधार बनाकर अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई।
पहले हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए थे
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को DA और DR के बकाये को लेकर आदेश दिया था। अदालत ने पंजाब सरकार और PSPCL को अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को सभी लंबित किस्तें जारी करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने कहा था कि कर्मचारियों और पेंशनरों को पंजाब में काम कर रहे IAS, IPS और IFS अधिकारियों को मिल रही दरों के अनुसार DA/DR की लंबित किस्तें दी जाएं। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था।
भुगतान में देरी होने पर ब्याज का भी आदेश
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर तय समय में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उस रकम पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देना होगा। यह ब्याज तय समय सीमा खत्म होने के बाद वास्तविक भुगतान होने तक लगेगा।
इस मामले में अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और अगस्त के अंत तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया था।
मामले में दिए गए प्रमुख निर्देश:
- कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित DA/DR किस्तें जारी करने का निर्देश।
- भुगतान के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया।
- देरी होने पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देने की बात कही गई।
- मुख्य सचिव को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
- अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
अवमानना याचिका क्यों दाखिल हुई
अदालत के पहले आदेश के बाद बकाया DA के भुगतान को लेकर अनुपालन की स्थिति सामने आई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि निर्धारित समय के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद अदालत में अवमानना याचिका के जरिए मामले को उठाया गया।
अब हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त सचिव और PSPCL के चेयरमैन को नोटिस जारी करके इस मामले में जवाब मांगा है।
अब अधिकारियों से मांगा गया जवाब
बकाया DA/DR के भुगतान से जुड़े पहले के निर्देशों के पालन को लेकर अब अधिकारियों को हाईकोर्ट के सामने जवाब देना होगा। अदालत के आदेश में लंबित DA/DR की किस्तों को जारी करने और समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
मामले में हाईकोर्ट की ओर से मुख्य सचिव, वित्त सचिव और PSPCL के चेयरमैन को नोटिस जारी किया गया है। अब आगे की कार्रवाई अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले जवाब और अदालत में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी।
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