प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार की एक आवास योजना है। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे पात्र परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता देना है, जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है या जो कच्चे मकान में रहते हैं।
इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी। सरकार ने अब इसे वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अगले चरण में 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
PM Awas Yojana Gramin New List 2026 में उन पात्र परिवारों की जानकारी मिलती है, जिन्हें योजना के तहत मकान देने के लिए चुना गया है या जिनका नाम लाभार्थी रिकॉर्ड में दर्ज है। हालांकि, केवल सूची में नाम दिखाई देने से मकान की मंजूरी और पहली किस्त जारी होने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए लाभार्थी का स्वीकृति रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
PM Awas Yojana Gramin List 2026 कैसे चेक करें?

अगर आप घर बैठे मोबाइल से अपना नाम चेक करना चाहते हैं, तो सरकार के आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर या Beneficiary ID होना उपयोगी रहेगा।
रजिस्ट्रेशन नंबर से नाम देखने का तरीका
- सबसे पहले PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- वेबसाइट पर Stakeholders वाले विकल्प पर जाएं।
- यहां IAY/PMAYG Beneficiary पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने Beneficiary Details का पेज खुलेगा।
- इसमें अपना Registration Number या Beneficiary ID दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा भरें।
- Submit करने के बाद उपलब्ध लाभार्थी विवरण देखें।
अगर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर सही है, तो पोर्टल पर उससे जुड़ी जानकारी दिखाई दे सकती है। इसमें लाभार्थी का नाम और मकान की मंजूरी व निर्माण से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देखी जा सकती है।
गांव और ग्राम पंचायत की रिपोर्ट कैसे देखें?
कई लोगों के पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता। ऐसे में वे अपने गांव की लाभार्थी सूची या पंचायत से संबंधित रिपोर्ट की जानकारी देखना चाहते हैं।
इसके लिए PMAY-G के आधिकारिक Reports पोर्टल पर जाएं। यहां अलग-अलग तरह की सरकारी रिपोर्ट उपलब्ध हैं। इनमें योजना की प्रगति, ग्राम सभा सत्यापन और लाभार्थियों से संबंधित रिपोर्ट शामिल हैं।
अगर पोर्टल पर आपके क्षेत्र की लाभार्थी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं दिखाई देती है, तो ग्राम पंचायत सचिव या ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) से जानकारी लें। उनसे ग्राम सभा द्वारा सत्यापित लाभार्थी सूची और स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Waiting List) के बारे में पूछ सकते हैं।
PM Awas Yojana Gramin 2026 के लिए कौन पात्र है?
इस योजना का लाभ हर ग्रामीण परिवार को अपने आप नहीं मिलता। इसके लिए परिवार की आवास संबंधी स्थिति और सरकारी पात्रता नियमों के आधार पर चयन किया जाता है।
योजना में मुख्य रूप से ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है:
- जिनके पास रहने के लिए अपना पक्का मकान नहीं है।
- जो बेघर हैं।
- जो एक या दो कच्ची दीवारों और कच्ची छत वाले मकान में रहते हैं।
- जिनके परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति योजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
- जिनका नाम संबंधित सर्वे, पात्रता जांच और ग्राम सभा सत्यापन के बाद लाभार्थी सूची में शामिल किया जाता है।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि केवल गरीबी रेखा कार्ड या राशन कार्ड होने से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना तय नहीं होता। चयन के लिए योजना के अपने नियम लागू होते हैं।
किन परिवारों को योजना से बाहर रखा जा सकता है?
सरकार ने Awaas+ 2024 सर्वे के लिए पात्रता जांच में कुछ नए और संशोधित बहिष्करण मानदंड तय किए हैं। इनके अनुसार निम्न स्थितियों में परिवार को संभावित लाभार्थियों की सूची से बाहर किया जा सकता है:
- परिवार के पास मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन हो।
- परिवार के पास तीन या चार पहिया वाला कृषि उपकरण हो।
- परिवार के पास ₹50,000 या उससे अधिक की क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड हो।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो।
- परिवार का कोई सदस्य सरकार में पंजीकृत गैर-कृषि व्यवसाय चलाता हो।
- परिवार का कोई सदस्य हर महीने ₹15,000 से अधिक कमाता हो।
- परिवार आयकर देता हो।
- परिवार का कोई सदस्य प्रोफेशनल टैक्स देता हो।
- परिवार के पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित जमीन हो।
- परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित जमीन हो।
इन मानदंडों के आधार पर पात्रता की जांच की जाती है। हालांकि, किसी परिवार की अंतिम पात्रता संबंधित रिकॉर्ड, सर्वे और सरकारी सत्यापन के बाद ही तय होती है।
PM Awas Yojana Gramin में कितने रुपये मिलते हैं?
योजना के तहत पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता की राशि क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग होती है।
| क्षेत्र | मकान निर्माण के लिए सहायता |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1,20,000 |
| पहाड़ी और निर्धारित कठिन क्षेत्र | ₹1,30,000 |
यह सहायता मकान निर्माण के लिए निर्धारित है। इसके अलावा योजना के नियमों के अनुसार मनरेगा के तहत अकुशल मजदूरी और शौचालय निर्माण के लिए संबंधित योजनाओं से सहायता का प्रावधान भी है।
ध्यान रखें कि पूरी राशि एक साथ मिलने के बजाय निर्धारित निर्माण चरणों और सरकारी प्रक्रिया के अनुसार किस्तों में जारी की जाती है।
PM Awas Yojana Gramin की किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में आ चुका है और मकान भी स्वीकृत हो गया है, तो आप किस्त से जुड़ी जानकारी भी देख सकते हैं।
इसके लिए:
- PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- Stakeholders सेक्शन में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- अपना Beneficiary ID या Registration Number दर्ज करें।
- कैप्चा भरकर विवरण खोलें।
- उपलब्ध रिकॉर्ड में मकान की मंजूरी और किस्त से जुड़ी जानकारी देखें।
इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल पर FTO Tracking की सुविधा भी है। इसके माध्यम से भुगतान से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है।
PM Awas Yojana Gramin की नई सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
अगर आपने योजना के लिए पात्र होने के बावजूद सूची में अपना नाम नहीं देखा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि आपका सर्वे हुआ था या नहीं और आपके परिवार का नाम किस सूची में दर्ज है।
आप ये काम कर सकते हैं:
- ग्राम पंचायत सचिव से अपनी पात्रता और सर्वे रिकॉर्ड की जानकारी लें।
- ग्राम सभा में सत्यापित लाभार्थी सूची देखने का अनुरोध करें।
- अगर आपने Awaas+ 2024 सर्वे कराया था, तो उसकी स्थिति पूछें।
- ब्लॉक विकास कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत या जानकारी संबंधी आवेदन दें।
- यदि नाम या परिवार की जानकारी में गलती है, तो संबंधित अधिकारी को दस्तावेजों के साथ सुधार के लिए बताएं।
सरकार के अनुसार, लाभार्थियों की पहचान में ग्राम सभा का सत्यापन और अपील की प्रक्रिया भी शामिल है। इसलिए नाम सूची में नहीं मिलने पर सीधे यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि आप हमेशा के लिए योजना से बाहर हो गए हैं।
Awaas+ 2024 सर्वे के बाद नई सूची कैसे तैयार होती है?
PMAY-G के नए चरण में पहले से मौजूद Awaas+ 2018 सूची को अपडेट करने के लिए Awaas+ 2024 सर्वे कराया गया था। इसका उद्देश्य ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना था, जो पहले की लाभार्थी सूची में शामिल नहीं हो पाए थे लेकिन योजना के नियमों के अनुसार पात्र हो सकते हैं।
इस सर्वे में दो तरह की सुविधाएं थीं:
- Self Survey: परिवार स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकता था।
- Assisted Survey: पहले से पंजीकृत सर्वेयर परिवार के घर जाकर जानकारी दर्ज कर सकता था।
सर्वे में परिवार, मौजूदा मकान और प्रस्तावित निर्माण स्थल से जुड़ी जानकारी ली गई। इसके बाद जानकारी का सत्यापन, संभावित अपात्र मामलों की जांच और ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिकता सूची तैयार करने की प्रक्रिया रखी गई।
इसके बाद ग्राम सभा की बैठक और अपील प्रक्रिया पूरी करके स्थायी प्रतीक्षा सूची को अंतिम रूप दिया जाता है। इसलिए Awaas+ सर्वे कराने का मतलब यह नहीं है कि परिवार का नाम अपने आप स्वीकृत लाभार्थी सूची में आ गया है।
PM Awas Yojana Gramin 2026 से जुड़े जरूरी सवाल
1. PM Awas Yojana Gramin New List 2026 कहां देख सकते हैं?
आप ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in और उसके AwaasSoft Beneficiary पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं।
2. क्या बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के नाम चेक कर सकते हैं?
बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के जानकारी देखने के लिए PMAY-G के Reports पोर्टल और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड की मदद ले सकते हैं। जरूरत पड़ने पर पंचायत सचिव या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।
3. क्या 2026 में नए लाभार्थियों को भी आवास मिलेगा?
सरकार ने PMAY-G को मार्च 2029 तक जारी रखने और 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण मकान बनाने की मंजूरी दी है। हालांकि, किसी परिवार को लाभ मिलेगा या नहीं, यह निर्धारित पात्रता, राज्य के लक्ष्य और सत्यापन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
4. क्या PM Awas Yojana Gramin और PM Awas Yojana Urban एक ही हैं?
नहीं। PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए है, जबकि PMAY-U शहरी क्षेत्रों के लिए अलग योजना है। दोनों की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग है।
5. क्या सूची में नाम आने पर तुरंत ₹1.20 लाख मिल जाते हैं?
नहीं। सूची में नाम होने और मकान की मंजूरी मिलने में अंतर है। राशि जारी होने के लिए स्वीकृति, बैंक खाते का सत्यापन और निर्माण से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।