DA Hike News 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) की नई दर का इंतजार अभी बना हुआ है। इस बीच रक्षा क्षेत्र के केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन AIDEF ने सरकार से जल्द घोषणा करने की मांग की है। संगठन ने सिर्फ महंगाई भत्ते का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि कर्मचारियों के सालाना बोनस की गणना में इस्तेमाल होने वाली वेतन सीमा बढ़ाने की मांग भी की है। 10 अक्टूबर 2026 को भेजे गए पत्र में संगठन ने कहा कि 1 जुलाई 2026 से देय महंगाई भत्ते और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) को लेकर सरकार को जल्द फैसला करना चाहिए। साथ ही, बोनस की गणना के लिए मौजूदा ₹7,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 करने का अनुरोध किया गया है।
महंगाई भत्ते की नई दर को लेकर क्या कहा गया?
AIDEF ने कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का जिक्र किया है। संगठन के मुताबिक, महंगाई बढ़ने से कर्मचारियों और पेंशनर्स पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है। ऐसे में DA और DR की घोषणा में देरी को लेकर चिंता बनी हुई है। संगठन ने सरकार से 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA और DR की घोषणा जल्द करने की अपील की है। इस पत्र की प्रतियां व्यय विभाग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिवों को भी भेजी गई हैं।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत है। जून 2026 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) के आंकड़ों के आधार पर इसके करीब 63 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, यह अभी अनुमान है। नई दर की पुष्टि सरकार की घोषणा के बाद ही होगी।
बोनस की गणना में बदलाव चाहता है कर्मचारी संगठन
महंगाई भत्ते के साथ AIDEF ने बोनस की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है। संगठन का कहना है कि जब न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी हुई है, तो बोनस की गणना के लिए तय वेतन सीमा पर भी विचार किया जाना चाहिए। फिलहाल बोनस की गणना के लिए ₹7,000 की सीमा का उल्लेख किया गया है। AIDEF इसे बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग कर रहा है। संगठन चाहता है कि यह बदलाव वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हो और उस वर्ष का बोनस भी नई सीमा के आधार पर दिया जाए। संगठन ने अपने पक्ष में सातवें वेतन आयोग के तहत ₹18,000 के न्यूनतम मूल वेतन और 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते यानी ₹10,440 का हवाला दिया है। यह आंकड़ा 25 नवंबर 2025 की स्थिति के संदर्भ में दिया गया है।
बोनस की रकम में कितना अंतर आ सकता है?
बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा में बदलाव होने पर मिलने वाली राशि में भी अंतर आ सकता है। AIDEF की मांग के संदर्भ में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 30 दिनों के बोनस की गणना इस प्रकार है।
| गणना का आधार | बोनस की अनुमानित राशि |
|---|---|
| ₹7,000 की मौजूदा सीमा | ₹6,908 |
| ₹21,000 की प्रस्तावित सीमा | ₹20,724 |
इस गणना में ₹7,000 या ₹21,000 को 30.4 से भाग देकर 30 से गुणा किया गया है। इससे प्रस्तावित सीमा पर बोनस ₹20,724 बैठता है, जबकि मौजूदा सीमा पर यह ₹6,908 है। यह अंतर प्रस्तावित सीमा के आधार पर निकाली गई गणना है। सरकार ने सीमा बढ़ाने की मांग स्वीकार कर ली है, ऐसी कोई पुष्टि इसमें नहीं है।
बोनस सीमा पर वित्त मंत्रालय से स्पष्टीकरण का मामला
AIDEF के पत्र में यह भी कहा गया है कि वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 से बोनस की गणना के लिए माने जाने वाले न्यूनतम वेतन के बारे में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा है। संगठन ने बोनस से जुड़े पुराने कानून, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965 और कोड ऑन वेजेज, 2019 का उल्लेख करते हुए मौजूदा ₹7,000 की सीमा में बदलाव की मांग रखी है।
अब सरकार के फैसले पर नजर
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 से देय महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की घोषणा का इंतजार है। दूसरी ओर, बोनस की गणना सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी सरकार के सामने रखा गया है। दोनों मामलों में संगठन ने अपनी मांग रखी है, लेकिन अभी इन्हें सरकारी मंजूरी नहीं माना जा सकता। DA की नई दर और बोनस की संशोधित सीमा को लेकर स्थिति सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
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