Cheque Bounce Rules 2026: चेक से भुगतान करने वाले लोगों के लिए 2026 में बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा एक जरूरी अपडेट सामने आया है। RBI ने चेक क्लियरिंग व्यवस्था में प्रस्तावित अगले चरण को फिलहाल टाल दिया है। ऐसे में चेक क्लियरिंग को लेकर पहले बताई गई 3 घंटे वाली व्यवस्था को लागू मानना सही नहीं होगा।
चेक क्लियरिंग को लेकर RBI का नया फैसला
RBI ने चेक ट्रंकेशन सिस्टम यानी CTS में पुराने बैच सिस्टम से लगातार क्लियरिंग की व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया था। यह बदलाव दो चरणों में किया जाना था। पहला चरण 4 अक्टूबर 2025 से लागू किया गया था। इसके बाद दूसरे चरण को 3 जनवरी 2026 से लागू करने की योजना थी। इस चरण में चेक की पुष्टि के लिए T+3 clear hours की व्यवस्था लाई जानी थी। लेकिन 24 दिसंबर 2025 को RBI ने Phase 2 को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया। RBI ने इसके पीछे बैंकों को अपनी व्यवस्था को और बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय देने की बात कही।
2026 में अभी क्या स्थिति है
RBI के 24 दिसंबर 2025 के निर्देश के अनुसार, Phase 2 को फिलहाल लागू नहीं किया गया है। इसलिए 3 जनवरी 2026 से T+3 clear hours शुरू होने की बात को मौजूदा नियम नहीं माना जा सकता। RBI ने उसी निर्देश में चेक की प्रस्तुति और पुष्टि से जुड़े समय में भी बदलाव किया था। प्रस्तुति का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे और पुष्टि का समय सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे किया गया था।
चेक क्लियरिंग से जुड़े मुख्य अपडेट
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| CTS में Phase 1 | 4 अक्टूबर 2025 से लागू |
| Phase 2 | अगली सूचना तक स्थगित |
| प्रस्तावित T+3 clear hours | फिलहाल लागू नहीं |
| प्रस्तुति का संशोधित समय | सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे |
| पुष्टि का संशोधित समय | सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे |
चेक बाउंस होने पर Section 138 का नियम
चेक बाउंस के मामले में Negotiable Instruments Act की Section 138 महत्वपूर्ण है। यह प्रावधान उस स्थिति से जुड़ा है जब किसी कर्ज या अन्य देनदारी को चुकाने के लिए जारी किया गया चेक बैंक से बिना भुगतान के वापस हो जाता है और कानून में दी गई शर्तें पूरी होती हैं। Section 138 के तहत दोष सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा, चेक की राशि के दोगुने तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
यहां यह समझना जरूरी है कि चेक क्लियरिंग की बैंकिंग प्रक्रिया और चेक बाउंस की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग हैं। RBI का क्लियरिंग सिस्टम चेक के बैंकिंग प्रोसेस से जुड़ा है, जबकि Section 138 चेक के भुगतान न होने पर लागू होने वाली कानूनी व्यवस्था से संबंधित है।
चेक बाउंस के बाद नोटिस का क्या नियम है
Section 138 में चेक बाउंस होने के बाद नोटिस से जुड़ी समयसीमा भी दी गई है। बैंक से चेक के भुगतान न होने की जानकारी मिलने के बाद चेक पाने वाले व्यक्ति को संबंधित व्यक्ति को लिखित नोटिस देकर भुगतान की मांग करनी होती है। कानून के अनुसार यह नोटिस बैंक से भुगतान न होने की जानकारी मिलने के 30 दिनों के भीतर देना होता है। नोटिस मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिनों की अवधि दी जाती है। इसलिए चेक बाउंस होने के मामले में बैंक से मिली जानकारी और नोटिस से जुड़ी समयसीमा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
2026 में चेक इस्तेमाल करने वालों के लिए क्या समझना जरूरी है
2026 में चेक से जुड़ी खबरों को देखते समय क्लियरिंग सिस्टम और कानूनी नियमों में अंतर समझना जरूरी है। RBI ने CTS में लगातार क्लियरिंग की दिशा में बदलाव शुरू किए हैं, लेकिन Phase 2 को दिसंबर 2025 में अगली सूचना तक रोक दिया गया था। वहीं, चेक बाउंस से जुड़ी Section 138 की कानूनी व्यवस्था अलग है और वह Negotiable Instruments Act के तहत आती है।
Cheque Bounce New Rules 2026: एक नजर में
- चेक क्लियरिंग व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
- CTS का पहला चरण 4 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ।
- दूसरा चरण 3 जनवरी 2026 से लागू होना था।
- RBI ने 24 दिसंबर 2025 को दूसरे चरण को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया।
- इसलिए T+3 clear hours को अभी लागू नियम के तौर पर नहीं बताया जा सकता।
- चेक बाउंस से जुड़े मामलों में Negotiable Instruments Act की Section 138 महत्वपूर्ण है।
- Section 138 के तहत बैंक से भुगतान न होने की जानकारी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर नोटिस देने का प्रावधान है।
- नोटिस मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिनों की अवधि होती है।
निष्कर्ष
Cheque Bounce New Rules 2026 को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि चेक क्लियरिंग के प्रस्तावित Phase 2 को RBI ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसलिए 3 जनवरी 2026 से T+3 clear hours लागू होने की जानकारी को वर्तमान नियम के रूप में नहीं बताया जा सकता। दूसरी ओर, चेक बाउंस से जुड़ी Section 138 की कानूनी व्यवस्था अलग से लागू है।
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