यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत शुरू की गई एक पेंशन व्यवस्था है। यह 1 अप्रैल 2025 से लागू हुई। इसका उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निर्धारित शर्तों के अनुसार सुनिश्चित पेंशन भुगतान की सुविधा देना है।
केंद्र सरकार की योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को UPS और NPS में से विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है। लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बनाए गए नियमों को सभी राज्य कर्मचारियों पर एक समान लागू नहीं माना जा सकता।
क्या राज्य सरकार को UPS लागू करने के लिए अलग आदेश जारी करना होगा?
हां, राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए UPS लागू करने की स्थिति में संबंधित राज्य के निर्णय और अधिसूचना को देखना जरूरी है। राज्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन व्यवस्था से जुड़े फैसले संबंधित राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
इसका मतलब है कि केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राज्य के हर कर्मचारी को अपने आप UPS का लाभ नहीं मिलने लगता। संबंधित राज्य को यह तय करना होता है कि वह योजना अपनाएगा या नहीं, किन कर्मचारियों को शामिल करेगा और इसे किस तारीख से लागू किया जाएगा। इसके बाद पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया भी संबंधित आदेशों के अनुसार देखनी होती है।
किन राज्यों में UPS लागू होने की जानकारी सामने आई है?
इस मामले में मणिपुर का उदाहरण समझना उपयोगी है। मणिपुर सरकार ने 3 फरवरी 2026 की अधिसूचना में राज्य में UPS अपनाने और लागू करने का फैसला घोषित किया। अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से उन राज्य कर्मचारियों के लिए लागू की जानी थी, जिन्होंने 1 जनवरी 2005 या उसके बाद सेवा शुरू की। अधिसूचना में विस्तृत नियम और कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश अलग से जारी करने की बात भी कही गई थी
इस उदाहरण से साफ होता है कि UPS लागू करने के लिए राज्य स्तर पर निर्णय और संबंधित आदेश महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, केवल इस उदाहरण के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि देश के सभी राज्यों ने योजना लागू कर दी है। अपने राज्य की मौजूदा स्थिति जानने के लिए वहां के वित्त विभाग या पेंशन विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखनी चाहिए।
UPS के तहत कितनी पेंशन मिल सकती है?
केंद्र सरकार की UPS व्यवस्था में पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित भुगतान का प्रावधान है। योजना के प्रमुख नियमों के अनुसार:
- 25 साल की पात्र सेवा: सेवानिवृत्ति से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% सुनिश्चित भुगतान निर्धारित शर्तों के अधीन मिलता है।
- 10 से 25 साल से कम सेवा: पात्र सेवा अवधि के अनुसार भुगतान अनुपात में तय होता है।
- कम से कम 10 साल की पात्र सेवा: निर्धारित शर्तें पूरी होने पर ₹10,000 प्रति माह का न्यूनतम सुनिश्चित भुगतान उपलब्ध हो सकता है।
- परिवार के लिए भुगतान: पात्र कर्मचारी की मृत्यु के बाद निर्धारित शर्तों के अधीन कानूनी रूप से पात्र जीवनसाथी को परिवार भुगतान का प्रावधान है।
ये UPS के केंद्रीय नियमों के प्रमुख प्रावधान हैं। राज्य कर्मचारियों पर इनका लागू होना संबंधित राज्य की अपनाई गई व्यवस्था और लागू नियमों से तय होगा।
राज्य के कर्मचारी UPS का लाभ लेने के लिए क्या करें?
अगर आप राज्य सरकार के कर्मचारी हैं और जानना चाहते हैं कि आपको UPS का लाभ मिल सकता है या नहीं, तो सबसे पहले अपने राज्य की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि करें।
- राज्य के वित्त विभाग या पेंशन विभाग की वेबसाइट पर UPS से जुड़ा सरकारी आदेश देखें।
- आदेश में योजना लागू होने की तारीख और पात्र कर्मचारियों की श्रेणी पढ़ें।
- यह पता करें कि आपकी नियुक्ति की तारीख और वर्तमान पेंशन व्यवस्था के आधार पर आप पात्र हैं या नहीं।
- आवेदन, विकल्प चुनने की समय-सीमा और अन्य प्रक्रियाओं के बारे में अपने विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) या संबंधित कार्यालय से जानकारी लें।
सिर्फ NPS में शामिल होने के आधार पर यह न मानें कि आपको UPS में शामिल कर लिया गया है। पात्रता और विकल्प चुनने की प्रक्रिया संबंधित नियमों के अनुसार पूरी करना आवश्यक हो सकता है।
निष्कर्ष
राज्य सरकार के कर्मचारी केंद्र सरकार के UPS नियमों का लाभ अपने आप नहीं ले सकते। राज्य को अपनी व्यवस्था में UPS अपनाने और लागू करने का निर्णय लेना होता है। इसके बाद संबंधित अधिसूचना में तय पात्रता, प्रभावी तारीख और प्रक्रिया के अनुसार कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है।
मेरी सलाह है कि कर्मचारी किसी समाचार या सामान्य जानकारी के आधार पर अपनी पेंशन व्यवस्था में बदलाव का फैसला न करें। पहले अपने राज्य का आधिकारिक आदेश देखें और जरूरत पड़ने पर विभाग से लिखित पुष्टि लें। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि UPS आपके राज्य में लागू है या नहीं और आप उसके लिए पात्र हैं या नहीं।