EPS Pension Calculation: 20 साल की सेवा पूरी होने पर बदल जाता है पेंशन का हिसाब, जानें कितना मिलेगा फायदा

Harsh Nigam
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EPS Pension Calculation: 20 साल की सेवा पूरी होने पर बदल जाता है पेंशन का हिसाब, जानें कितना मिलेगा फायदा

EPS Pension Calculation: नौकरी के दौरान कर्मचारी हर महीने PF में योगदान करता है। इसी व्यवस्था से जुड़ी कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS से सेवानिवृत्ति के बाद हर महीने पेंशन मिल सकती है। ऐसे में लंबे समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनकी पेंशन की गणना किस आधार पर होती है और 20 साल की सेवा पूरी करने पर इसका क्या फायदा मिलता है।

EPFO के नियमों में पेंशन की रकम तय करने के लिए कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा और पेंशन योग्य वेतन को देखा जाता है। 20 साल या उससे ज्यादा की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को सेवा अवधि में 2 साल का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाता है। इसी वजह से 20 साल की नौकरी के मामले में पेंशन की गणना 22 साल की सेवा मानकर की जा सकती है।

20 साल की नौकरी पर 2 साल का अतिरिक्त लाभ

EPS के तहत पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा होना जरूरी है। इसके बाद अगर कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक समय तक योजना में योगदान करता है, तो पेंशन की गणना में 2 साल की अतिरिक्त सेवा का लाभ जोड़ा जाता है। यह अतिरिक्त 2 साल कर्मचारी की वास्तविक नौकरी की अवधि नहीं है, बल्कि पेंशन की गणना में मिलने वाला लाभ है।

उदाहरण के लिए किसी कर्मचारी ने लगातार 20 साल तक EPS में योगदान किया है। ऐसे मामले में पेंशन की गणना के लिए उसकी सेवा अवधि 20 साल के बजाय 22 साल मानी जाएगी। इससे पेंशन की गणना में इस्तेमाल होने वाली सेवा अवधि बढ़ जाती है और इसी आधार पर अंतिम रकम निकाली जाती है।

EPS में पेंशन कैसे निकाली जाती है?

पेंशन की रकम निकालने के लिए एक तय फार्मूला इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पेंशन के लिए मान्य वेतन को पेंशन योग्य सेवा से गुणा किया जाता है और फिर 70 से भाग दिया जाता है। पेंशन योग्य वेतन की गणना नौकरी के आखिरी 60 महीनों के औसत वेतन के आधार पर की जाती है।

मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70

इसका मतलब साफ है कि पेंशन की रकम केवल कर्मचारी की नौकरी के साल पर निर्भर नहीं करती। पेंशन के लिए मान्य वेतन और EPS में योगदान की अवधि, दोनों को ध्यान में रखकर रकम तय की जाती है।

20 साल नौकरी करने पर कितनी पेंशन बनेगी?

इसे एक आसान उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी कर्मचारी की पेंशन के लिए मान्य वेतन ₹25,000 है और उसने 20 साल तक नौकरी की है। 20 साल पूरे होने पर उसे 2 साल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, इसलिए पेंशन की गणना के लिए सेवा अवधि 22 साल हो जाएगी।

स्रोत में दी गई गणना में ₹15,000 की वेतन सीमा का इस्तेमाल किया गया है। इसी आधार पर 22 साल की पेंशन योग्य सेवा को फार्मूले में रखने पर करीब ₹7,857.15 मासिक पेंशन की रकम निकलती है।

इस उदाहरण को आसान तरीके से ऐसे समझें:

  • नौकरी की अवधि: 20 साल
  • अतिरिक्त सेवा का लाभ: 2 साल
  • पेंशन के लिए मानी गई सेवा: 22 साल
  • स्रोत की गणना में लिया गया वेतन: ₹15,000
  • गणना: (₹15,000 × 22) ÷ 70
  • मासिक पेंशन: लगभग ₹7,857.15

इस हिसाब से 20 साल तक EPS में योगदान करने वाले कर्मचारी को दिए गए उदाहरण के अनुसार करीब 7,857 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है। हालांकि, यह केवल समझाने के लिए दिया गया उदाहरण है। किसी कर्मचारी की वास्तविक पेंशन उसके पेंशन योग्य वेतन, सेवा अवधि और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।

पेंशन के लिए वेतन कैसे तय होता है?

EPS की पेंशन निकालते समय कर्मचारी के पूरे वेतन को सीधे आधार नहीं बनाया जाता। इसके लिए पेंशन योग्य वेतन देखा जाता है, जिसकी गणना नौकरी के आखिरी 60 महीनों के औसत वेतन के आधार पर की जाती है। इसलिए अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी की पेंशन भी उसी हिसाब से तय नहीं होती कि उसका पूरा वेतन कितना था।

यही वजह है कि पेंशन की गणना समझते समय केवल अपनी मासिक Salary या PF कटौती देखना पर्याप्त नहीं है। पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा, दोनों की भूमिका होती है। 20 साल की सेवा पूरी करने पर मिलने वाला 2 साल का अतिरिक्त लाभ भी इसी गणना का हिस्सा बनता है।

20 साल की नौकरी वालों के लिए क्या खास है?

20 साल की सेवा पूरी करना EPS के तहत पेंशन की गणना के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सामान्य तौर पर कर्मचारी की वास्तविक सेवा जितनी होती है, गणना में वही अवधि ली जाती है, लेकिन 20 साल या उससे अधिक सेवा होने पर 2 साल का अतिरिक्त लाभ मिलने से गणना की अवधि बढ़ जाती है।

इसलिए अगर कोई कर्मचारी लंबे समय तक EPS में योगदान करता है, तो उसे अपनी पेंशन की गणना समझने के लिए सेवा अवधि के साथ पेंशन योग्य वेतन को भी देखना चाहिए। ऊपर दिया गया 7,857 रुपये का आंकड़ा स्रोत में दिए गए उदाहरण पर आधारित है, इसे हर कर्मचारी की तय पेंशन नहीं माना जाना चाहिए।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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