EPFO PF Claim: अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है और उसका PF कटता था, तो ऐसी स्थिति में उसके परिवार को EPFO के जरिए आर्थिक मदद मिल सकती है। परिवार को PF खाते में जमा पैसा, EDLI के तहत 7 लाख रुपये तक का बीमा और पात्र होने पर पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता है। ऐसे समय में परिवार के लिए यह जानना जरूरी है कि इन लाभों का क्लेम कैसे किया जा सकता है और इसके लिए सबसे पहले क्या करना होगा।
सबसे पहले बनवाना होगा मृत्यु प्रमाण पत्र
EPFO से जुड़े क्लेम की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद अस्पताल, स्थानीय नगर निगम या ग्राम पंचायत के जरिए इसका आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद इसकी कई सत्यापित प्रतियां सुरक्षित रखनी चाहिए, क्योंकि इसका इस्तेमाल EPFO क्लेम, बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कराने और बीमा से जुड़े काम में किया जाएगा।
परिवार को मिल सकते हैं ये तीन बड़े लाभ
सेवा के दौरान EPFO सदस्य की मृत्यु होने पर नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को मुख्य रूप से तीन तरह के वित्तीय लाभ मिल सकते हैं। इनमें PF खाते में जमा राशि, EDLI के तहत बीमा और पारिवारिक पेंशन शामिल हैं।
| लाभ | क्या मिलेगा | क्लेम के लिए फॉर्म |
|---|---|---|
| PF राशि | कर्मचारी और कंपनी का जमा अंशदान, ब्याज सहित | फॉर्म 20 |
| EDLI बीमा | अधिकतम 7 लाख रुपये तक एकमुश्त राशि | फॉर्म 5IF |
| पारिवारिक पेंशन | पति या पत्नी को आजीवन पेंशन और दो बच्चों को 25 वर्ष की उम्र तक मासिक पेंशन | फॉर्म 10D |
इन लाभों के लिए अलग-अलग फॉर्म का प्रावधान है। PF राशि के लिए फॉर्म 20, EDLI बीमा के लिए फॉर्म 5IF और पारिवारिक पेंशन के लिए फॉर्म 10D के जरिए दावा किया जाता है।
PF खाते में जमा पूरी राशि मिलेगी
मृतक कर्मचारी के PF खाते में कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किया गया पूरा अंशदान ब्याज सहित नॉमिनी या आश्रितों को दिया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है या फॉर्म 20 के जरिए दावा किया जा सकता है। यानी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके PF खाते में जमा राशि को पात्र नॉमिनी या आश्रित क्लेम कर सकते हैं।
7 लाख रुपये तक का बीमा मिलेगा
सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme यानी EDLI के तहत बीमा का लाभ भी मिलता है। इस योजना के तहत परिवार को अधिकतम 7,00,000 रुपये तक की एकमुश्त बीमा राशि दी जाती है। इस राशि का दावा करने के लिए फॉर्म 5IF भरना होता है।
पति या पत्नी को मिलेगी आजीवन पारिवारिक पेंशन
मृतक कर्मचारी के परिवार को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत पारिवारिक पेंशन का लाभ भी मिल सकता है। इसमें मृतक की पत्नी या पति को आजीवन पेंशन दी जाती है। इसके साथ ही परिवार के दो बच्चों को 25 वर्ष की उम्र पूरी होने तक मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। इसके लिए फॉर्म 10D जमा करना होता है।
लोन या क्रेडिट कार्ड चल रहा हो तो क्या करें
अगर मृतक कर्मचारी के नाम पर पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन चल रहा था, तो परिवार को संबंधित बैंक या वित्तीय कंपनी से यह जांच करनी चाहिए कि लोन लेते समय उसके साथ लोन सुरक्षा बीमा लिया गया था या नहीं। अगर लोन का बीमा कराया गया था, तो बैंक बीमा कंपनी से क्लेम लेकर पूरा कर्ज खत्म कर सकता है और परिवार से उसकी वसूली नहीं की जाएगी।
मृतक के ATM कार्ड से पैसा निकालने से बचें
परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उसके ATM कार्ड से पैसे निकालना कानूनी रूप से गलत माना जा सकता है। इसके बजाय परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र, अपना आधार कार्ड और पासबुक लेकर बैंक शाखा जाना चाहिए। बैंक खाते में दर्ज नॉमिनी की मदद से खाते में मौजूद राशि को कानूनी तरीके से नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर कराया जा सकता है।
क्लेम करते समय इन बातों का रखें ध्यान
EPFO सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाले लाभों के लिए प्रक्रिया शुरू करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज और फॉर्म तैयार रखने होंगे। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सबसे पहले मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएं।
- मृत्यु प्रमाण पत्र की कई सत्यापित प्रतियां सुरक्षित रखें।
- PF खाते की राशि के लिए फॉर्म 20 के जरिए क्लेम करें।
- EDLI बीमा के लिए फॉर्म 5IF भरें।
- पारिवारिक पेंशन के लिए फॉर्म 10D जमा करें।
- बैंक खाते की राशि के लिए नॉमिनी के जरिए कानूनी प्रक्रिया अपनाएं।
इस तरह सेवा के दौरान किसी EPFO सदस्य की मृत्यु होने पर उसके परिवार को PF खाते में जमा राशि, EDLI के तहत 7 लाख रुपये तक का बीमा और पात्र होने पर पारिवारिक पेंशन का लाभ मिल सकता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज है।
यह भी पढ़ें: PF Account: नौकरी छूटने के बाद भी बढ़ता रहेगा पैसा, 35 साल में 10 लाख का 50 तक कितना होगा?