EPF Contribution: नई वेतन सीमा लागू, ₹20,000 और ₹25,000 Salary पर कितना PF जमा होगा?

Harsh Nigam
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EPF Contribution: नई वेतन सीमा लागू, ₹20,000 और ₹25,000 Salary पर कितना PF जमा होगा?

EPF Contribution: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य PF की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है। नई सीमा लागू होने के बाद इस दायरे में आने वाले कर्मचारियों के PF योगदान में बदलाव होगा। ₹25,000 की सीमा पर कर्मचारी का योगदान ₹3,000 और नियोक्ता का योगदान ₹917 होगा। इस तरह अनिवार्य मासिक PF योगदान ₹3,917 तक पहुंच जाएगा।

₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई सीमा

नई व्यवस्था में EPFO के तहत अनिवार्य PF के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया गया है। इसका असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिनका वेतन इस सीमा के बीच आता है। नई सीमा के हिसाब से कर्मचारी के PF खाते में ज्यादा राशि जमा होगी, वहीं नियोक्ता के योगदान में भी बदलाव होगा।

पहले ₹15,000 की वेतन सीमा पर कर्मचारी का अधिकतम योगदान ₹1,800 था। नई ₹25,000 की सीमा पर कर्मचारी का योगदान बढ़कर ₹3,000 हो गया है। नियोक्ता के PF योगदान में भी बदलाव हुआ है और यह ₹550 से बढ़कर ₹917 हो गया है।

पेंशन खाते में भी बढ़ेगी राशि

नई व्यवस्था में नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा पेंशन खाते में भी जाएगा। ₹25,000 की वेतन सीमा पर नियोक्ता के हिस्से से ₹2,083 यानी 8.3 प्रतिशत राशि पेंशन खाते में जाएगी। पहले यह राशि ₹1,250 थी।

इस तरह वेतन सीमा बढ़ने का असर सिर्फ PF खाते में जमा होने वाली रकम पर ही नहीं, बल्कि नियोक्ता के हिस्से से पेंशन खाते में जाने वाली राशि पर भी पड़ेगा।

₹20,000 वेतन वाले कर्मचारी का उदाहरण

खबर में ₹20,000 मासिक वेतन वाले कर्मचारी का उदाहरण भी दिया गया है। इस वेतन पर कर्मचारी की ओर से PF में ₹2,400 का योगदान होगा। वहीं नियोक्ता की ओर से PF के लिए ₹734 का योगदान किया जाएगा।

इसके अलावा नियोक्ता के हिस्से से ₹1,666 पेंशन यानी EPS में जाएगा। इस तरह कर्मचारी और नियोक्ता के PF योगदान को मिलाकर अनिवार्य PF योगदान ₹3,134 होगा।

₹35,000 वेतन पर PF योगदान

₹35,000 मासिक वेतन वाले कर्मचारी के मामले में खबर में अनिवार्य PF योगदान ₹6,000 बताया गया है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की ओर से ₹3,000-₹3,000 का योगदान शामिल है।

खबर के अनुसार, इस उदाहरण में EPS के लिए कोई राशि नहीं जाएगी, क्योंकि पेंशन की सुविधा उन कर्मचारियों के लिए बताई गई है जिनका वेतन EPFO की निर्धारित सीमा से अधिक नहीं है।

नई व्यवस्था से जुड़े प्रमुख आंकड़े

खबर में दी गई जानकारी के अनुसार:

  • पुरानी EPFO वेतन सीमा: ₹15,000
  • नई EPFO वेतन सीमा: ₹25,000
  • ₹25,000 वेतन पर कर्मचारी का PF योगदान: ₹3,000
  • ₹25,000 वेतन पर नियोक्ता का PF योगदान: ₹917
  • अनिवार्य मासिक PF योगदान: ₹3,917
  • पेंशन खाते में नियोक्ता के हिस्से से राशि: ₹2,083
  • पहले पेंशन खाते में जाने वाली राशि: ₹1,250
  • ₹20,000 वेतन पर कुल अनिवार्य PF योगदान: ₹3,134
  • ₹35,000 वेतन पर बताया गया अनिवार्य PF योगदान: ₹6,000

नियोक्ताओं के लिए भी बदलाव

नई व्यवस्था के साथ नियोक्ताओं से ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़े नियमों की समीक्षा करने और वेतन से संबंधित अपने सिस्टम को अपडेट करने को कहा गया है। खबर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियोक्ता के वैधानिक योगदान को केवल CTC का हिस्सा बताकर कर्मचारी के वेतन से अतिरिक्त कटौती नहीं की जा सकती।

वेतन सीमा बढ़ने से छोटे और मध्यम कारोबारों पर अनुपालन से जुड़ी लागत बढ़ने की बात भी खबर में कही गई है। इसके साथ नए रोजगार के लिए PM Viksit Bharat Rojgar Yojana के तहत हर नए रोजगार पर हर महीने ₹3,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिलने का उल्लेख किया गया है।

नई व्यवस्था कब लागू हुई

खबर के अनुसार EPFO की नई व्यवस्था 17 सितंबर से लागू हुई। वेतन सीमा बढ़ने के बाद कर्मचारी और नियोक्ता के PF योगदान में बदलाव किया गया है। इसका असर अलग-अलग वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर उनके वेतन के अनुसार दिखाई देगा।

नई सीमा के तहत ₹25,000 तक के वेतन पर PF योगदान की गणना में बदलाव हुआ है और इसी के आधार पर कर्मचारी तथा नियोक्ता दोनों के योगदान की राशि पहले की तुलना में अलग होगी।

यह भी पढ़ें: EPFO PF Transfer: नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते में कैसे करें ट्रांसफर?

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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