UPS कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के नियम क्या हैं? रिटायरमेंट से पहले जान लें जरूरी बातें

Harsh Nigam
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UPS कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के नियम क्या हैं? रिटायरमेंट से पहले जान लें जरूरी बातें

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में लागू किया। इसके तहत पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार सुनिश्चित पेंशन का लाभ मिलता है।

UPS लागू होने के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या इस योजना को चुनने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली ग्रेच्युटी भी मिलेगी। इस मामले में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 18 जून 2025 को स्पष्टीकरण जारी किया।

सरकार ने स्पष्ट किया कि UPS अपनाने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारी भी Central Civil Services (Payment of Gratuity under National Pension System) Rules, 2021 के प्रावधानों के तहत रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी के पात्र होंगे।

इसका मतलब है कि UPS चुनने मात्र से कर्मचारी का ग्रेच्युटी का अधिकार समाप्त नहीं होता। हालांकि, भुगतान की पात्रता और राशि लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।

UPS कर्मचारियों को कौन-कौन से ग्रेच्युटी लाभ मिलते हैं?

UPS Gratuity Rules
UPS कर्मचारियों को कौन-कौन से ग्रेच्युटी लाभ मिलते हैं?

UPS के अंतर्गत आने वाले पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए मुख्य रूप से दो प्रकार की ग्रेच्युटी महत्वपूर्ण हैं।

1. रिटायरमेंट ग्रेच्युटी

जब कोई सरकारी कर्मचारी निर्धारित शर्तें पूरी करके सेवानिवृत्त होता है, तो उसे नियमों के अनुसार रिटायरमेंट ग्रेच्युटी मिल सकती है। यह एकमुश्त भुगतान होता है और इसकी गणना निर्धारित वेतन तथा पात्र सेवा अवधि के आधार पर की जाती है।

UPS चुनने वाले कर्मचारियों के लिए भी यह लाभ उपलब्ध है। इसलिए कर्मचारियों को अपनी पेंशन योजना के साथ-साथ सेवा पुस्तिका, पात्र सेवा अवधि और ग्रेच्युटी से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच करनी चाहिए।

2. डेथ ग्रेच्युटी

यदि किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो लागू नियमों के अनुसार उसके पात्र परिवार के सदस्यों को डेथ ग्रेच्युटी मिल सकती है।

इसका उद्देश्य कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक सहायता देना है। UPS के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए भी यह लाभ निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि डेथ ग्रेच्युटी और परिवार को मिलने वाली पेंशन अलग-अलग लाभ हैं। दोनों की पात्रता और गणना के नियम अलग हो सकते हैं।

UPS और NPS में ग्रेच्युटी का अंतर समझें

UPS और NPS के बीच मुख्य अंतर पेंशन मिलने की व्यवस्था से जुड़ा है। ग्रेच्युटी के मामले में UPS अपनाने वाले पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को अलग से लाभ देने का प्रावधान स्पष्ट किया गया है।

विषयUPSNPS
योजना का स्वरूपनिर्धारित शर्तों के साथ सुनिश्चित पेंशन का विकल्पअंशदान और निवेश पर आधारित पेंशन व्यवस्था
रिटायरमेंट ग्रेच्युटीलागू नियमों के अनुसार पात्रतालागू नियमों के अनुसार पात्रता
डेथ ग्रेच्युटीलागू नियमों के अनुसार पात्रतालागू नियमों के अनुसार पात्रता
ग्रेच्युटी के नियमCCS ग्रेच्युटी नियमों के तहतCCS ग्रेच्युटी नियमों के तहत
पेंशन की गणनाUPS के निर्धारित प्रावधानों के अनुसारNPS के अंशदान और संचित पेंशन धन के अनुसार

यह तुलना मुख्य रूप से केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के संदर्भ में है जिन पर संबंधित केंद्रीय सेवा नियम लागू होते हैं। राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों के कर्मचारियों के लिए नियम अलग हो सकते हैं।

UPS में ग्रेच्युटी की गणना कैसे होगी?

कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि ग्रेच्युटी की राशि सभी के लिए एक समान नहीं होती। इसकी गणना कर्मचारी के वेतन, पात्र सेवा अवधि और संबंधित नियमों के आधार पर की जाती है।

ग्रेच्युटी की गणना करते समय आम तौर पर इन बातों का महत्व होता है:

  • कर्मचारी का पात्र वेतन या निर्धारित परिलब्धियां।
  • सेवा की पात्र अवधि।
  • सेवानिवृत्ति या मृत्यु की स्थिति।
  • संबंधित ग्रेच्युटी नियमों के तहत लागू अधिकतम सीमा।
  • कर्मचारी की सेवा और भुगतान से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड।

इसलिए केवल UPS में शामिल होने के आधार पर यह नहीं बताया जा सकता कि किसी कर्मचारी को कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी। सही राशि जानने के लिए संबंधित विभाग के वेतन और पेंशन अनुभाग से गणना करवानी चाहिए।

UPS चुनने वाले कर्मचारी किन बातों का ध्यान रखें?

यदि आप UPS के अंतर्गत आते हैं या इस योजना को चुनने की तैयारी कर रहे हैं, तो सेवानिवृत्ति से जुड़े सभी लाभों को एक साथ समझना जरूरी है।

इन बातों पर विशेष ध्यान दें:

  • अपनी UPS संबंधी पात्रता और विकल्प की स्थिति की पुष्टि करें।
  • सेवा पुस्तिका में दर्ज सेवा अवधि और वेतन का विवरण जांचें।
  • रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की गणना संबंधित विभाग से करवाएं।
  • नामांकन और परिवार से जुड़े रिकॉर्ड को अद्यतन रखें।
  • मृत्यु या दिव्यांगता से संबंधित विशेष परिस्थितियों में लागू पेंशन और अन्य लाभों के नियमों की जानकारी लें।

सरकार ने UPS के अंतर्गत सेवा संबंधी मामलों को नियंत्रित करने के लिए Central Civil Services (Implementation of the Unified Pension Scheme under the National Pension System) Rules, 2025 भी अधिसूचित किए हैं। ये नियम 2 सितंबर 2025 को अधिसूचित किए गए थे।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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