NPS से OPS में वापस जाने की मांग लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय रही है। कई कर्मचारी जानना चाहते हैं कि क्या अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का मौका मिल सकता है और अगर हां, तो इसके लिए आवेदन कैसे करना होगा।
इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि NPS से OPS में जाने का कोई एक समान नियम सभी केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों पर लागू नहीं है। कुछ कर्मचारियों को विशेष परिस्थितियों में विकल्प मिला है, जबकि कुछ राज्यों ने अपनी पेंशन नीति के संबंध में अलग निर्णय लिए हैं। इसलिए पात्रता जानने के लिए अपने विभाग और संबंधित सरकार का आदेश देखना जरूरी है।
NPS to OPS Migration क्या है?
NPS to OPS Migration का मतलब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने की प्रक्रिया है। दोनों योजनाओं में पेंशन तय करने का तरीका अलग है, इसलिए इनके बीच बदलाव केवल योजना का नाम बदलने तक सीमित नहीं होता।
NPS: यह अंशदान आधारित पेंशन व्यवस्था है। कर्मचारी और सरकार निर्धारित नियमों के अनुसार योगदान करते हैं और सेवानिवृत्ति के लाभ खाते में जमा राशि तथा लागू निकासी और पेंशन नियमों पर निर्भर करते हैं।
OPS: यह निर्धारित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था है। पात्र कर्मचारियों की पेंशन संबंधित सरकारी सेवा नियमों के अनुसार तय होती है और सामान्यतः अंतिम वेतन तथा अर्हकारी सेवा जैसे आधारों से जुड़ी होती है।
इसी अंतर के कारण कर्मचारी OPS को लेकर जानकारी चाहते हैं। लेकिन किसी कर्मचारी को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा या नहीं, इसका फैसला लागू सरकारी नियमों और उसकी पात्रता से होता है।
क्या केंद्र सरकार के कर्मचारी NPS से OPS में जा सकते हैं?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS में वापसी का कोई सामान्य विकल्प घोषित नहीं किया गया है। 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में दिए गए जवाब में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार ने इसकी वजह सरकारी खजाने पर पड़ने वाली दीर्घकालीन वित्तीय जिम्मेदारी बताई थी।
हालांकि, कुछ विशेष मामलों में NPS से OPS के अंतर्गत आने का विकल्प पहले दिया गया था। उदाहरण के लिए, केंद्र सरकार ने 3 मार्च 2023 के आदेश के माध्यम से उन पात्र कर्मचारियों के लिए एक बार का विकल्प उपलब्ध कराया था, जिनकी भर्ती की रिक्तियां NPS लागू होने से पहले अधिसूचित हुई थीं, लेकिन उनकी नियुक्ति बाद में हुई।
यह विशेष सुविधा सभी NPS कर्मचारियों के लिए खुला सामान्य विकल्प नहीं थी। इसकी पात्रता निर्धारित शर्तों के अनुसार तय की गई थी।
जम्मू-कश्मीर में NPS से OPS में जाने का विशेष अवसर
NPS से OPS Migration के मामले में जम्मू-कश्मीर का एक हालिया उदाहरण सामने आया है। वहां वित्त विभाग ने 28 सितंबर 2026 को कुछ पात्र सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने के लिए एक बार का विकल्प दिया।
यह सुविधा सभी NPS कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसके लिए मुख्य शर्तें हैं:
- संबंधित पद या रिक्ति की अधिसूचना 24 दिसंबर 2009 से पहले जारी हुई हो।
- कर्मचारी ने 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सरकारी सेवा में प्रवेश किया हो।
- कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना विकल्प प्रस्तुत करे और पात्रता की जांच पूरी हो।
रिपोर्ट के अनुसार, पात्र कर्मचारी 28 दिसंबर 2026 तक विकल्प दे सकते हैं। आवेदन संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के माध्यम से आगे भेजा जाता है। यह विकल्प अंतिम है, इसलिए निर्णय लेने से पहले कर्मचारी को इसके प्रभावों को समझना चाहिए।
यह जम्मू-कश्मीर के विशेष आदेश का उदाहरण है। इसे अन्य राज्यों या सभी केंद्रीय कर्मचारियों पर लागू नहीं माना जा सकता।
किन राज्यों ने NPS से OPS में लौटने का फैसला किया है?
9 फरवरी 2026 को लोकसभा में दिए गए वित्त मंत्रालय के जवाब के अनुसार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार या पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) को NPS से OPS की ओर लौटने के अपने निर्णयों की जानकारी दी थी।
लेकिन राज्य सरकार का OPS अपनाने का निर्णय और NPS खाते में जमा पूरी राशि का राज्य को वापस मिलना दो अलग विषय हैं। सरकार ने संसद में बताया था कि लागू PFRDA कानून और संबंधित नियमों के तहत NPS में जमा अंशदान तथा उससे हुई वृद्धि की राशि को राज्य सरकार को वापस करने का प्रावधान नहीं है।
इसलिए केवल यह खबर पढ़कर कि किसी राज्य ने OPS अपनाई है, कर्मचारी यह न मानें कि उसकी व्यक्तिगत पेंशन व्यवस्था या NPS खाते में जमा राशि अपने आप बदल गई है।
NPS से OPS में जाने के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि कर्मचारी किस सरकार के अधीन काम करता है और उसके मामले में कौन-सा आदेश लागू होता है।
यदि किसी विशेष आदेश के तहत आपको OPS चुनने की अनुमति मिलती है, तो इन बातों की जांच करें:
- पात्रता की पुष्टि करें: नियुक्ति की तारीख, भर्ती विज्ञापन या रिक्ति की अधिसूचना और संबंधित सेवा रिकॉर्ड देखें।
- सरकारी आदेश पढ़ें: उसमें दी गई समय-सीमा, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया समझें।
- विभाग के माध्यम से आवेदन करें: निर्धारित प्रपत्र को DDO, नियुक्ति प्राधिकारी या संबंधित प्रशासनिक विभाग के माध्यम से जमा करें।
- लिखित निर्णय प्राप्त करें: आवेदन देने के बाद विभाग से पात्रता और स्वीकृति की स्थिति की पुष्टि करें।
- NPS खाते के प्रभाव समझें: OPS में जाने की अनुमति मिलने पर खाते के बंद होने, जमा रकम के समायोजन और GPF संबंधी नियमों की जानकारी लें, जहां लागू हो।
यदि आपके राज्य या विभाग में ऐसा कोई आदेश लागू नहीं है, तो केवल आवेदन देने से OPS में जाने का अधिकार अपने आप नहीं बन जाता।
क्या NPS से OPS में जाने पर पुरानी जमा राशि वापस मिल जाएगी?
यह सवाल भी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। NPS में कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान जमा होता है तथा उस पर निवेश के अनुसार लाभ या नुकसान हो सकता है। OPS में जाने की अनुमति मिलने पर इस राशि का क्या होगा, यह संबंधित आदेश और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
इसलिए यह मानना सही नहीं है कि NPS से OPS में जाने पर पूरी जमा राशि कर्मचारी को नकद मिल जाएगी या वह पूरी रकम सीधे सरकार को वापस कर दी जाएगी। कुछ विशेष मामलों में कर्मचारी के अंशदान और सरकार के अंशदान के समायोजन के लिए अलग नियम हो सकते हैं।
किसी भी विकल्प को चुनने से पहले विभाग से अपने खाते के संबंध में लिखित जानकारी लेना बेहतर होगा।
निष्कर्ष
NPS to OPS Migration की सुविधा सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक समान नहीं है। केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में स्पष्ट किया था कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। दूसरी ओर, कुछ राज्यों ने अपनी पेंशन नीति में बदलाव किया है और जम्मू-कश्मीर ने निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए 28 दिसंबर 2026 तक एक विशेष विकल्प दिया है।
मेरी सलाह है कि कर्मचारी किसी सामान्य खबर के आधार पर यह न मानें कि वे OPS में वापस जा सकते हैं। अपनी नियुक्ति की तारीख, भर्ती अधिसूचना और संबंधित सरकारी आदेश की जांच करें। पात्रता और NPS खाते पर पड़ने वाले प्रभावों की लिखित पुष्टि मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लें।