Central Employees Bonus: केंद्रीय कर्मचारियों के वार्षिक बोनस को लेकर अक्टूबर की शुरुआत में हलचल बढ़ सकती है। कर्मचारी संगठनों की ओर से बोनस जल्द जारी करने की मांग की जा रही है। वहीं, कुछ कर्मचारी प्रतिनिधियों ने दशहरा से पहले बोनस मिलने की संभावना जताई है।
25 सितंबर 2026 को जॉइंट कौंसिल ऑफ़ पोस्टल एम्प्लाइज ने डाक विभाग के सचिव को पत्र भेजकर 21 अक्टूबर को Durga Puja से पहले बोनस जारी करने का अनुरोध किया था। इसके बाद अक्टूबर की शुरुआत में बोनस को लेकर घोषणा होने की चर्चा तेज हुई है।
अक्टूबर की शुरुआत में हो सकती है घोषणा
रिपोर्ट के अनुसार, आल इंडिया डिफेन्स एम्प्लाइज फेडरेशन (AIDEF) के एक पदाधिकारी ने कहा है कि बोनस की घोषणा अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। भारत पेंशनर्स समाज के महासचिव Avinash Rajput ने भी अक्टूबर 2026 की शुरुआत में भुगतान की संभावना जताई है।
वहीं, आल इंडिया डिफेन्स एम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष Manjeet Singh Patel ने बोनस की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। हालांकि, उन्होंने इसके दशहरा से पहले जारी होने की संभावना जताई है। इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को है।
इसका मतलब यह है कि अभी बोनस भुगतान की कोई पक्की तारीख सामने नहीं आई है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांग और प्रतिनिधियों की ओर से जताई गई संभावनाओं पर ही स्थिति टिकी हुई है।
बोनस की गणना में बदलाव की मांग
बोनस को लेकर दूसरा बड़ा मुद्दा इसकी गणना के लिए तय वेतन सीमा है। केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2026 की अधिसूचना में उत्पादकता से जुड़े बोनस की गणना के लिए ₹7,000 की वेतन सीमा बरकरार रखी है।
दूसरी ओर, National Council for Joint Consultative Machinery (NC-JCM) और कर्मचारी संगठन इस सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग कर रहे हैं। NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र भेजकर भी यह मांग रखी थी।
₹7,000 और ₹21,000 की सीमा में कितना अंतर
रिपोर्ट में बोनस की गणना के लिए एक महीने में औसतन 30.4 दिन का आधार लिया गया है। ₹7,000 की सीमा के आधार पर 30 दिन के बोनस की राशि करीब ₹6,908 बनती है।
वहीं, यदि गणना की सीमा ₹21,000 होती है तो 30 दिन के बोनस की राशि करीब ₹20,724 बनती है।
| गणना की सीमा | 30 दिन का बोनस |
|---|---|
| ₹7,000 | ₹6,908 |
| ₹21,000 | ₹20,724 |
इसी अंतर को देखते हुए कर्मचारी संगठन बोनस की गणना के लिए तय वेतन सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
न्यूनतम वेतन का भी दिया गया हवाला
₹21,000 की सीमा की मांग के लिए कर्मचारी संगठनों ने श्रम मंत्रालय की सितंबर 2024 की अधिसूचना का हवाला दिया है। इसमें अलग-अलग श्रेणी के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय की गई थी।
रिपोर्ट में दी गई राशि इस प्रकार है:
| श्रेणी | रोज की न्यूनतम मजदूरी | मासिक राशि |
|---|---|---|
| अकुशल | ₹783 | ₹20,358 |
| अर्ध-कुशल | ₹868 | ₹22,568 |
| कुशल | ₹954 | ₹24,804 |
| अत्यधिक कुशल | ₹1,035 | ₹26,910 |
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन करीब ₹21,000 है, तो बोनस की गणना की सीमा भी कम से कम ₹21,000 होनी चाहिए।
चार आयुध कारखानों के कर्मचारियों का मुद्दा
AIDEF ने चार आयुध कारखानों के कर्मचारियों के बोनस से जुड़े मामले को लेकर 30 सितंबर को विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। इनमें Ordnance Clothing Factory शाहजहांपुर, Ordnance Equipment Factory कानपुर, OCF Avadi और OEF Hazratpur शामिल हैं।
संगठन का कहना है कि इन कर्मचारियों के बोनस की गणना 30 दिन की मजदूरी के बजाय 18.56 दिन की मजदूरी के आधार पर की जा रही है।
AIDEF की मांग है कि इन कर्मचारियों को 30 दिन की मजदूरी के आधार पर बोनस दिया जाए। इसके साथ ही बोनस की गणना के लिए ₹7,000 की जगह ₹21,000 की वेतन सीमा लागू करने की मांग भी की गई है।
बोनस की तारीख पर अभी इंतजार
केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की निश्चित भुगतान तारीख अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अक्टूबर की शुरुआत में घोषणा और दशहरा से पहले भुगतान की संभावना जताई है।
वहीं, बोनस की गणना के लिए ₹7,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग भी जारी है। अब कर्मचारियों की नजर बोनस की घोषणा और भुगतान से जुड़े अगले कदम पर है।
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