DoPT Promotion Rules: सिर्फ Seniority से नहीं मिलेगी Promotion, इन बातों का भी रखा जाता है ध्यान

Harsh Nigam
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DoPT Promotion Rules: सिर्फ Seniority से नहीं मिलेगी Promotion, इन बातों का भी रखा जाता है ध्यान

DoPT Promotion Rules: सरकारी नौकरी में हर कर्मचारी चाहता है कि समय पर उसे अगली प्रमोशन मिले। लेकिन प्रमोशन केवल नौकरी में कुछ साल पूरे होने या वरिष्ठता के आधार पर नहीं होती। इसके लिए कर्मचारी की योग्यता, सेवा का रिकॉर्ड, उपलब्ध पद और विभाग के नियम भी देखे जाते हैं।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों की प्रमोशन से जुड़े कई नियम कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) जारी करता है। हालांकि हर पद और विभाग के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी कर्मचारी की प्रमोशन के लिए उसके पद पर लागू नियमों को देखना सबसे जरूरी है।

प्रमोशन के लिए क्या देखा जाता है?

सबसे पहले यह देखा जाता है कि कर्मचारी उस पद के लिए योग्य है या नहीं। संबंधित पद के नियमों में यह बताया जाता है कि प्रमोशन के लिए कितने साल की सेवा जरूरी है और कर्मचारी किस पद से अगली पोस्ट पर जा सकता है।

इसके बाद कर्मचारी की वरिष्ठता, काम का रिकॉर्ड और उस पद पर उपलब्ध खाली जगह जैसी बातों को देखा जाता है। इसलिए केवल लंबे समय से नौकरी करना ही पदोन्नति पाने के लिए पर्याप्त नहीं होता।

DPC क्या करती है?

प्रमोशन की प्रक्रिया में DPC यानी विभागीय प्रमोशन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आसान भाषा में समझें तो यह समिति पात्र कर्मचारियों के रिकॉर्ड को देखकर यह तय करने की प्रक्रिया अपनाती है कि कौन कर्मचारी प्रमोशन के लिए उपयुक्त है।

समिति कर्मचारी की वरिष्ठता के साथ उसके काम के रिकॉर्ड और दूसरी जरूरी जानकारी को भी देख सकती है। इसलिए किसी कर्मचारी का नाम वरिष्ठता सूची में ऊपर होने का मतलब यह नहीं है कि उसे हर स्थिति में तुरंत प्रमोशन मिल जाएगी।

वरिष्ठता का क्या महत्व है?

प्रमोशन में वरिष्ठता का महत्व जरूर होता है, लेकिन हर पद पर इसका नियम एक जैसा नहीं होता। कुछ पदों पर कर्मचारी की योग्यता और चयन के आधार पर प्रमोशन होती है, जबकि कुछ मामलों में प्रमोशन के आधार पर पात्र कर्मचारियों पर विचार किया जाता है।

इसीलिए यह कहना सही नहीं है कि सरकारी नौकरी में सबसे वरिष्ठ कर्मचारी को ही हमेशा पहले प्रमोशन मिलेगी। इसका फैसला संबंधित पद के नियमों के अनुसार होता है।

कर्मचारी के काम का रिकॉर्ड भी देखा जाता है

प्रमोशन के समय कर्मचारी के काम का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकता है। इसमें APAR यानी वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट शामिल होती है। इसमें कर्मचारी के पूरे साल के काम और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है।

DPC प्रमोशन पर विचार करते समय लागू नियमों के अनुसार इस रिकॉर्ड को भी देख सकती है। इसलिए कर्मचारी के लिए अपने सेवा रिकॉर्ड और काम से जुड़े दस्तावेजों को सही रखना जरूरी है।

खाली पद होना भी जरूरी है

कई बार कर्मचारी प्रमोशन के लिए योग्य होता है, लेकिन उसे तुरंत प्रमोशन नहीं मिलती। इसका कारण उस समय प्रमोशन के लिए खाली पद उपलब्ध न होना हो सकता है।

विभाग पहले यह देखता है कि संबंधित पद पर कितने पद खाली हैं। इसके बाद उपलब्ध पदों के अनुसार योग्य कर्मचारियों के मामलों पर आगे की प्रक्रिया की जाती है।

DoPT ने प्रमोशन में देरी को लेकर क्या कहा?

DoPT ने विभागों को प्रमोशन से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी करने के लिए कहा है। 18 जुलाई 2024 के कार्यालय ज्ञापन में विभागीय प्रमोशन समिति की बैठक समय पर कराने और अनावश्यक देरी से बचने पर जोर दिया गया था।

प्रमोशन की प्रक्रिया में देरी होने से कर्मचारी को नुकसान हो सकता है। खासकर ऐसे मामलों में जहां कर्मचारी सेवानिवृत्ति के करीब हो, समय पर उसके मामले पर विचार होना महत्वपूर्ण हो जाता है।

इसी 18 जुलाई 2024 के आदेश में 12 फरवरी 2024 को जारी एक प्रावधान को वापस लेने और 12 अक्टूबर 1998 के संबंधित प्रावधान को 1 जनवरी 2024 से फिर लागू करने की बात भी कही गई थी।

पदोन्नति के लिए ये बातें याद रखें

  • प्रमोशन के लिए कर्मचारी का योग्य होना जरूरी है।
  • हर पद के लिए पदोन्नति के नियम अलग हो सकते हैं।
  • वरिष्ठता महत्वपूर्ण है, लेकिन अकेले वरिष्ठता से फैसला नहीं होता।
  • कर्मचारी के काम और सेवा रिकॉर्ड को भी देखा जा सकता है।
  • प्रमोशन के लिए खाली पद होना जरूरी है।
  • DPC प्रमोशन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • DoPT ने प्रमोशन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर जोर दिया है।

कर्मचारी अपनी पदोन्नति की जानकारी कैसे समझे?

अगर कोई कर्मचारी जानना चाहता है कि उसकी प्रमोशन कब और किस आधार पर हो सकती है, तो उसे सबसे पहले अपने पद के नियम देखने चाहिए। इनमें यह जानकारी मिलती है कि अगली पदोन्नति के लिए कितने साल की सेवा चाहिए और कौन-कौन से कर्मचारी इसके लिए योग्य माने जाएंगे।

इसके बाद कर्मचारी को अपनी वरिष्ठता, उपलब्ध खाली पद और विभाग द्वारा जारी नए आदेशों की जानकारी रखनी चाहिए। इससे उसे अपनी प्रमोशन से जुड़ी स्थिति समझने में आसानी होगी।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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