केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। 14 अक्टूबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया था। अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार 21 अक्टूबर को होने वाली अगली बैठक में इस बारे में घोषणा कर सकती है।
फिलहाल कर्मचारियों को मूल वेतन का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। इस बार इसमें 4 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो महंगाई भत्ता बढ़कर 64 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, अभी तक सरकार ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
पिछली बैठक में नहीं हुआ फैसला
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 14 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में जुलाई वाले महंगाई भत्ते पर फैसला हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद अब सबकी नजर 21 अक्टूबर की बैठक पर है।
कैबिनेट की बैठक आमतौर पर बुधवार को होती है। पहले भी सरकार कई बार बैठक के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा कर चुकी है। हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर बार बुधवार को ही फैसला हो। सरकार पहले दूसरे दिनों में भी DA बढ़ाने का एलान कर चुकी है।
4 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद
महंगाई भत्ते में इस बार कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं आया है। मौजूदा दर 60 प्रतिशत है और इसमें 4 प्रतिशत इजाफा होने की संभावना है। ऐसा होने पर नई दर 64 प्रतिशत हो सकती है।
इस मामले में फिलहाल तीन बातें अहम हैं:
- मौजूदा महंगाई भत्ता: मूल वेतन का 60 प्रतिशत।
- संभावित बढ़ोतरी: 4 प्रतिशत।
- नई संभावित दर: 64 प्रतिशत।
ये आंकड़े संभावित बढ़ोतरी से जुड़े हैं। सरकार की मंजूरी के बाद ही नई दर की पुष्टि होगी।
50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को इंतजार
केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारी और करीब 70 लाख पेंशनभोगी महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) दिया जाता है, जबकि पात्र पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) मिलती है। इन दोनों का मकसद महंगाई के असर को कम करने में मदद करना है। इसलिए अगली बढ़ोतरी का फैसला कर्मचारियों और पेंशनभोगियों, दोनों के लिए अहम है।
कर्मचारी संगठन ने क्या कहा?
ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत पटेल ने उम्मीद जताई है कि अगले बुधवार को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। उन्होंने इस बार कम से कम 4 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई। उन्होंने बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की सीमा को लेकर भी कर्मचारियों की निराशा का जिक्र किया। उनके मुताबिक, कर्मचारियों को यह चिंता भी है कि आठवें वेतन आयोग में उनकी मांगों और अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व मिलेगा या नहीं।
महंगाई भत्ते की गणना कैसे होती है?
केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की गणना औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। इसी सूचकांक के आंकड़ों को ध्यान में रखकर महंगाई भत्ते में बदलाव की गणना की जाती है।
अब देखना होगा कि 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में सरकार इस पर कोई फैसला लेती है या कर्मचारियों को अभी और इंतजार करना पड़ता है। फिलहाल 64 प्रतिशत DA की दर केवल एक संभावना है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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