8th CPC Pension Update: शामली के पेंशनरों ने रखीं 12 मांगें, पुराने पेंशनरों को लेकर उठी बड़ी मांग

Harsh Nigam
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8th CPC Pension Update: शामली के पेंशनरों ने रखीं 12 मांगें, पुराने पेंशनरों को लेकर उठी बड़ी मांग

8th CPC Pension Update: आठवें वेतन आयोग को लेकर शामली के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने अपनी मांगें सामने रखी हैं। मंगलवार को सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से शामली कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। इसके बाद 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया। पेंशनरों की प्रमुख मांग है कि 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को भी आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए।

पुराने पेंशनरों को लेकर क्या मांग है

पेंशनरों ने कहा है कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशनरों के बीच अंतर नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी आठवें वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन का लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही पुराने पेंशनरों की पेंशन में संशोधन और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग भी रखी गई है।

ज्ञापन में पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा 65 वर्ष की उम्र के बाद हर पांच साल में पेंशन में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी, पेंशन के राशिकरण से जुड़ी कटौती को 10 साल बाद बंद करने और 50 प्रतिशत से अधिक DA को मूल पेंशन में शामिल करने की मांग की गई है।

पेंशनरों की 12 सूत्रीय मांगें

शामली के पेंशनरों की ओर से रखी गई मांगों में पेंशन, DA/DR, पुरानी पेंशन व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। उनकी 12 मांगें इस प्रकार हैं:

  1. आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल किया जाए: 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को भी आयोग के दायरे में लाया जाए।
  2. रिटायरमेंट की तारीख का अंतर खत्म किया जाए: पेंशनरों के बीच सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अंतर नहीं किया जाए।
  3. पुराने पेंशनरों की पेंशन संशोधित की जाए: पहले से सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन में भी संशोधन किया जाए।
  4. पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए: संगठन ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की है।
  5. पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए: पेंशन से मिलने वाली राशि को आयकर से बाहर रखने की मांग की गई है।
  6. 65 वर्ष के बाद पेंशन में बढ़ोतरी हो: 65 वर्ष की उम्र के बाद हर पांच साल में पेंशन में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
  7. 10 साल बाद पेंशन कटौती बंद हो: पेंशन के राशिकरण से जुड़ी कटौती या वसूली 10 साल बाद बंद की जाए।
  8. 18 महीने के DA/DR बकाये का भुगतान हो: कोरोना काल में रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाये का भुगतान किया जाए।
  9. 50 प्रतिशत से अधिक DA को मूल पेंशन में जोड़ा जाए: 50 प्रतिशत से ज्यादा महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में शामिल करने की मांग की गई है।
  10. अंतरिम राहत दी जाए: कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने की मांग की गई है।
  11. रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट मिले : वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट देने की मांग है।
  12. आयुष्मान भारत की सीमा बढ़ाई जाए: आयुष्मान भारत के तहत कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की गई है।

18 महीने के DA/DR बकाये का मुद्दा

पेंशनरों ने कोरोना काल में रोके गए 18 महीने के DA/DR बकाये के भुगतान की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही 50 प्रतिशत से अधिक DA को मूल पेंशन में जोड़ने की बात कही गई है। पेंशनरों ने यह भी मांग की है कि 65 वर्ष की उम्र के बाद हर पांच साल में पेंशन में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए और राशिकरण से संबंधित कटौती 10 साल बाद बंद कर दी जाए।

ज्ञापन में कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने की मांग भी शामिल है। यानी पेंशनरों ने अपने ज्ञापन में केवल आठवें वेतन आयोग से जुड़े मुद्दे ही नहीं, बल्कि पेंशन और महंगाई भत्ते से जुड़े पुराने मामलों को भी शामिल किया है।

वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं को लेकर भी मांग

पेंशनरों ने वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं को लेकर भी अपनी बात रखी है। इनमें रेलवे किराये में 50 प्रतिशत की छूट और आयुष्मान भारत के तहत कैशलेस इलाज की सीमा को 10 लाख रुपये करने की मांग शामिल है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी की गई है।

संगठन के अधिकारियों के अनुसार, इन मांगों को लेकर पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्ताक्षर याचिकाएं भेजी जा चुकी हैं। अब शामली में प्रदर्शन के बाद 12 सूत्रीय ज्ञापन प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया है।

आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आएगी

रिपोर्ट के अनुसार, आठवें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट देने की उम्मीद है। यदि आयोग को अतिरिक्त समय नहीं मिलता है, तो रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना बताई गई है।

फिलहाल शामली के पेंशनरों ने आठवें वेतन आयोग में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को शामिल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। इसके साथ ही पेंशन संशोधन, पुरानी पेंशन व्यवस्था, 18 महीने के DA/DR बकाये और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं से जुड़ी अन्य मांगें भी ज्ञापन में रखी गई हैं।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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