Railway Board Order: रेलवे बोर्ड ने रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों को खाली पदों पर दोबारा काम देने से जुड़ी योजनाओं की अवधि बढ़ा दी है। रेलवे बोर्ड ने 22 सितंबर 2026 को RBE No. 73/2026 जारी कर इन योजनाओं को 15 अक्टूबर 2026 के बाद भी जारी रखने का फैसला किया है। अब इन योजनाओं की अवधि दो साल बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2028 तक कर दी गई है।
किन योजनाओं की अवधि बढ़ाई गई
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार रिटायर्ड गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को खाली पदों पर दोबारा रखने और अनुबंध के आधार पर नियुक्ति से जुड़ी योजनाओं की अवधि बढ़ाई गई है। इनमें ये योजनाएं शामिल हैं:
- रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति: 15 अक्टूबर 2024 के रेलवे बोर्ड के पत्र के तहत शुरू की गई योजना, जिसे 31 दिसंबर 2024 और 20 जून 2025 के पत्रों से संशोधित किया गया था।
- पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति: 28 जून 2024 और 30 जून 2025 के रेलवे बोर्ड के पत्रों के तहत अनुबंध के आधार पर नियुक्ति से जुड़ी योजना।
- प्रशिक्षक और वरिष्ठ प्रशिक्षक: 30 जून 2026 के रेलवे बोर्ड के पत्र के तहत केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों में खाली पदों पर रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति।

अब 15 अक्टूबर 2028 तक लागू रहेंगी योजनाएं
रेलवे बोर्ड ने इन योजनाओं की अवधि 15 अक्टूबर 2026 के बाद दो साल के लिए बढ़ाई है। इसका मतलब है कि अब इनकी वैधता 15 अक्टूबर 2028 तक रहेगी। यह विस्तार पहले जारी किए गए रेलवे बोर्ड के पत्रों में तय नियमों और शर्तों के आधार पर किया गया है।
OPS और NPS वाले कर्मचारियों के लिए नियम
पुनर्नियुक्त किए गए रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और छुट्टी से जुड़े नियम उनकी पेंशन व्यवस्था के अनुसार तय होंगे। पुराने पेंशन व्यवस्था यानी OPS के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए ये मामले वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के 9 दिसंबर 2020 के कार्यालय ज्ञापन में दिए निर्देशों के अनुसार नियंत्रित होंगे।
वहीं, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी NPS के तहत आने वाले रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों के वेतन और दूसरी सेवा शर्तें वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के 18 अक्टूबर 2023 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार तय की जाएंगी।
पहले से हो चुकी पुनर्नियुक्ति पर भी निर्देश
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन पुराने मामलों में वेतन, छुट्टी या दूसरी सेवा शर्तें संबंधित निर्देशों से अलग तरीके से तय की गई हैं, उन्हें तुरंत दोबारा खोलने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों को उनकी सामान्य अवधि पूरी होने तक या 15 अक्टूबर 2026 तक, जो भी पहले हो, उसी व्यवस्था के अनुसार जारी रखा जा सकता है।
जरूरत के आधार पर होगी पुनर्नियुक्ति
रेलवे बोर्ड ने कहा है कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति जरूरत होने पर ही की जानी चाहिए। इसके अलावा संबंधित रेलवे बोर्ड के पत्रों में पहले से दी गई बाकी सभी नियम और शर्तें लागू रहेंगी। योजना की अवधि बढ़ाने के साथ इन मौजूदा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।