8th CPC के सामने उठी कम्यूटेड पेंशन की मांग, 15 साल की जगह 11 साल करने का प्रस्ताव

Harsh Nigam
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8th CPC के सामने उठी कम्यूटेड पेंशन की मांग, 15 साल की जगह 11 साल करने का प्रस्ताव

8th CPC Update: भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को लेकर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने मांग रखी है। संगठन ने पेंशन के कम्यूटेशन के बाद मौजूदा 15 साल की बहाली अवधि की नए सिरे से समीक्षा करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में 21 सितंबर 2026 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव को प्रतिनिधित्व भेजा गया है। इसकी प्रति व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय के सचिव को भी भेजी गई है।

BPS ने यह मांग 16 सितंबर 2026 के हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के संदर्भ में रखी है। संगठन का कहना है कि कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर दोबारा देखा जाना चाहिए। इसके लिए ब्याज दर, जीवन प्रत्याशा, पेंशन की गणना के आधार और समय के साथ आर्थिक परिस्थितियों में हुए बदलावों को ध्यान में रखने की मांग की गई है।

15 साल की बहाली अवधि की समीक्षा की मांग

BPS ने मौजूदा 15 साल की अवधि को लेकर नए सिरे से एक्चुरियल समीक्षा कराने का अनुरोध किया है। संगठन के अनुसार, पेंशन के कम्यूटेशन से जुड़े कई आधारों में समय के साथ बदलाव हुए हैं। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह देखा जाना चाहिए कि 15 साल की अवधि अभी भी उचित है या नहीं।

BPS के प्रतिनिधित्व के अनुसार, 58 वर्ष की आयु पर कम्यूटेशन फैक्टर पहले 10.46 था, जो अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8.194 है। इसके अलावा ब्याज और छूट दर, जीवन प्रत्याशा और मृत्यु दर से जुड़े आंकड़ों में भी बदलाव का उल्लेख किया गया है।

BPS ने किन बातों की समीक्षा की मांग की

  • कम्यूटेड पेंशन की मौजूदा 15 साल की बहाली अवधि की समीक्षा।
  • कम्यूटेशन तालिका और उससे जुड़े कारकों की दोबारा जांच।
  • वर्तमान ब्याज और छूट दर को ध्यान में रखना।
  • जीवन प्रत्याशा और मृत्यु दर में हुए बदलावों को देखना।
  • कम्यूटेशन की राशि की वसूली में लगने वाली वास्तविक अवधि की समीक्षा।
  • जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ और एक्चुरियल समिति का गठन।

11 साल बाद पेंशन बहाली पर विचार

BPS ने तत्काल उपाय के तौर पर कम्यूटेड पेंशन के हिस्से को 11 साल बाद बहाल करने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा है कि अगर नई एक्चुरियल समीक्षा इससे भी कम अवधि को उचित ठहराती है, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।

विषयजानकारी
मौजूदा बहाली अवधि15 साल
BPS की मांग11 साल बाद बहाली पर विचार
समीक्षा का आधारवर्तमान आर्थिक और एक्चुरियल परिस्थितियां
संबंधित आयोग8वां केंद्रीय वेतन आयोग
न्यायालय का फैसलाहिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट, 16 सितंबर 2026

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का हवाला

BPS ने अपने प्रतिनिधित्व में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 16 सितंबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया है। संगठन ने कहा है कि बदलती परिस्थितियों और पेंशन कम्यूटेशन से जुड़े आधारों को देखते हुए इस विषय की दोबारा जांच की जानी चाहिए।

प्रतिनिधित्व में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट ने खुद 15 साल की बहाली अवधि को कम करने का आदेश नहीं दिया है। BPS ने अदालत के फैसले को इस विषय की तर्कसंगत समीक्षा के अवसर के रूप में रखते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से उचित सिफारिश करने का अनुरोध किया है।

विशेषज्ञ समिति बनाने का अनुरोध

BPS ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेषज्ञ या एक्चुरियल समिति बनाने का भी अनुरोध किया है। संगठन के प्रस्ताव के अनुसार, ऐसी समिति में योग्य एक्चुरियल विशेषज्ञों के साथ संबंधित मंत्रालयों, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सकता है। समिति से समयबद्ध तरीके से अपनी सिफारिश देने का अनुरोध किया गया है।

BPS ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग और सरकार से कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि की नए सिरे से तथ्य आधारित समीक्षा करने की मांग की है। संगठन ने खास तौर पर मौजूदा 15 साल की अवधि पर दोबारा विचार करने और 11 साल बाद कम्यूटेड पेंशन बहाल करने के प्रस्ताव की जांच करने का अनुरोध किया है।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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