Railway Pension Rules 2026: ₹18,000 मिनिमम पेंशन और फैमिली पेंशन के नए नियम जारी

Harsh Nigam
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Railway Pension Rules 2026: ₹18,000 मिनिमम पेंशन और फैमिली पेंशन के नए नियम जारी

Railway Pension Rules 2026: रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन से जुड़े नए नियम जारी किए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने Rail Service (Extraordinary Pension) Rules, 2026 जारी किए हैं। इन नए नियमों ने 1993 में लागू किए गए पुराने नियमों की जगह ली है। नए नियमों में रेलवे कर्मचारी की सेवा के दौरान होने वाली दिव्यांगता और मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली पेंशन तथा परिवार को मिलने वाली फैमिली पेंशन के बारे में प्रावधान किए गए हैं।

नए नियमों में कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता किस परिस्थिति में हुई है, इसके आधार पर अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसके लिए मामलों को A, B, C और D चार श्रेणियों में बांटा गया है। दिव्यांग होने के बाद भी रेलवे में सेवा जारी रखने वाले कर्मचारियों और कुछ NPS कर्मचारियों के लिए भी नियमों में प्रावधान किया गया है।

मृत्यु और दिव्यांगता के मामले चार श्रेणियों में

रेलवे कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता किस परिस्थिति में हुई, इसके आधार पर उसे चार श्रेणियों में रखा गया है। A श्रेणी में ऐसे मामले आते हैं जिनका संबंध रेलवे की नौकरी से नहीं है, जबकि B, C और D श्रेणी में अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर अधिक पेंशन लाभ का प्रावधान किया गया है।

श्रेणीमामलापेंशन का प्रावधान
Aप्राकृतिक कारण से मृत्यु या दिव्यांगता, जिसका नौकरी से संबंध नहींसामान्य पेंशन नियम
Bरेलवे की नौकरी के कारण या नौकरी से बढ़ी दिव्यांगता या मृत्युअसाधारण पेंशन
Cदंगा, हिंसा, खराब मौसम या बचाव अभियान जैसी स्थितिअधिक पेंशन लाभ
Dआतंकवादी हमला, युद्ध जैसी स्थिति या दुश्मन की कार्रवाईअधिकतम असाधारण पेंशन और फैमिली पेंशन लाभ

इन श्रेणियों में खास तौर पर यह देखा जाएगा कि कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता का कारण क्या था। इसी आधार पर संबंधित पेंशन और फैमिली पेंशन का लाभ तय किया जाएगा।

दिव्यांगता पेंशन दो हिस्सों में होगी

नए नियमों में दिव्यांगता पेंशन को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा Service Element और दूसरा Disability Element है। Service Element के लिए कर्मचारी के वेतन या औसत वेतन का 50 प्रतिशत लिया जाएगा। दोनों में जो राशि अधिक होगी, उसे आधार माना जाएगा।

B, C और D श्रेणी में 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर Disability Element के लिए कर्मचारी के वेतन या औसत वेतन का 30 प्रतिशत लिया जाएगा। इस तरह 100 प्रतिशत दिव्यांगता के मामले में पेंशन की गणना में 50 प्रतिशत Service Element और 30 प्रतिशत Disability Element को शामिल किया जाएगा।

दिव्यांगता का प्रतिशत कैसे माना जाएगा

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी की दिव्यांगता तय होगी। पेंशन की गणना के लिए दिव्यांगता के प्रतिशत को कुछ तय स्तरों के अनुसार माना जाएगा।

  • 50 प्रतिशत तक दिव्यांगता होने पर 50 प्रतिशत माना जाएगा।
  • 50 प्रतिशत से अधिक और 75 प्रतिशत तक होने पर 75 प्रतिशत माना जाएगा।
  • 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर 100 प्रतिशत माना जाएगा।

Service Element और Disability Element पाने के लिए न्यूनतम सेवा की कोई शर्त नहीं रखी गई है। हालांकि, यदि कर्मचारी की पात्र सेवा 10 साल से कम है तो उसे Service Element मिलेगा, लेकिन Service Gratuity नहीं मिलेगी।

फैमिली पेंशन में 60% और 100% का प्रावधान

रेलवे कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिवार के सदस्यों को फैमिली पेंशन दी जाएगी। इसमें विधवा या विधुर, आश्रित बच्चे, माता-पिता और आश्रित भाई-बहन शामिल हो सकते हैं। फैमिली पेंशन की राशि कर्मचारी की मृत्यु किस श्रेणी में आती है, उसके आधार पर तय होगी।

A श्रेणी के मामलों में सामान्य पेंशन नियम लागू होंगे। B श्रेणी में परिवार को कर्मचारी के वेतन का 60 प्रतिशत फैमिली पेंशन मिलेगी। वहीं C और D श्रेणी में फैमिली पेंशन कर्मचारी के Basic Pay के 100 प्रतिशत के बराबर होगी। नए नियमों में फैमिली पेंशन की न्यूनतम राशि 18,000 रुपये रखी गई है।

दिव्यांगता पेंशन लेने वाले कर्मचारी की मृत्यु पर

यदि कोई रेलवे कर्मचारी दिव्यांगता के कारण सेवानिवृत्त हो चुका है और उसे दिव्यांगता पेंशन मिल रही है, लेकिन बाद में उसी चोट या बीमारी के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार के लिए भी असाधारण पेंशन का प्रावधान किया गया है।

यदि दिव्यांगता के कारण सेवानिवृत्ति के सात साल के अंदर उसी चोट या बीमारी के कारण कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो परिवार को संबंधित श्रेणी के अनुसार असाधारण पेंशन मिल सकती है।

दिव्यांग होने के बाद नौकरी जारी रखने पर

नए नियमों में उन कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था है जो दिव्यांग होने के बाद रेलवे में नौकरी करते रहते हैं। यदि कर्मचारी को दिव्यांगता के कारण सेवा से बाहर किया जाता है तो उसे नियमों के अनुसार Service Element और Disability Element मिल सकता है।

लेकिन अगर कर्मचारी को दिव्यांग होने के बावजूद रेलवे में सेवा जारी रखने दी जाती है, तो Disability Element हर महीने पेंशन के रूप में नहीं दिया जाएगा। इसके बदले Disability Element की पूंजीकृत राशि के आधार पर एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा। नियमों में दिए उदाहरण के अनुसार 40 साल की उम्र, 30,000 रुपये Basic Pay, B श्रेणी और 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले कर्मचारी के मामले में यह राशि 3,92,040 रुपये बताई गई है।

NPS कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान

नए नियमों में NPS के तहत आने वाले रेलवे कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों को मिलने वाला लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने 2025 के NPS नियमों के तहत कौन सा विकल्प चुना है।

पेंशन के लिए अलग आवेदन नहीं देना होगा

दिव्यांगता पेंशन या फैमिली पेंशन की मंजूरी के लिए कर्मचारी या परिवार को अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित कार्यालय का प्रमुख मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच करेगा और उसी के अनुसार पेंशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

पेंशन में देरी होने पर ब्याज

नए नियमों में पेंशन भुगतान में देरी की स्थिति का भी प्रावधान किया गया है। दिव्यांगता पेंशन के मामले में तय प्रक्रिया के अनुसार Pension Payment Order (PPO) जारी किया जाएगा। यदि प्रशासनिक गलती या लापरवाही के कारण पेंशन के भुगतान में देरी होती है, तो पेंशनर या फैमिली पेंशनर को बकाया राशि पर ब्याज देने का प्रावधान है।

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मैं हर्ष निगम, वर्तमान में वेतन टुडे में लेखक के साथ-साथ सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने बिहारी लाल स्मारक किसान डिग्री कॉलेज से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है। वर्ष 2020 से कर्मचारी,...

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