Punjab Pension Scheme: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर नई जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने 13 सितंबर 2026 को एक नई अधिसूचना जारी की है। इसमें प्रस्तावित पेंशन व्यवस्था की समीक्षा के लिए चार महीने का और समय दिया गया है।
2022 के पेंशन फैसले पर नई अधिसूचना
पंजाब सरकार ने नवंबर 2022 में NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को Old Pension Scheme यानी OPS का लाभ देने की घोषणा की थी। अब नई अधिसूचना में बताया गया है कि इस फैसले का मकसद कर्मचारियों को OPS के आधार पर गारंटीड पेंशन देना है।
हालांकि, प्रस्तावित पेंशन व्यवस्था Defined Contributory Pension Scheme के रूप में ही रहेगी। आसान भाषा में कहें तो इसमें कर्मचारी और सरकार की ओर से पेंशन के लिए योगदान वाली व्यवस्था बनी रहेगी।
पेंशन योजना की समीक्षा के लिए चार महीने बढ़े
पंजाब सरकार ने प्रस्तावित पेंशन व्यवस्था की समीक्षा के लिए चार महीने का अतिरिक्त समय दिया है। इस दौरान सरकार यह देखेगी कि इस योजना को किस तरह लागू किया जा सकता है और इसका प्रशासनिक व वित्तीय असर क्या होगा।
समीक्षा के दौरान सरकार इन बातों पर भी ध्यान देगी:
- पेंशन योजना को लागू करने की प्रक्रिया
- योजना से जुड़ा प्रशासनिक काम
- सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय असर
- Unified Pension Scheme यानी UPS में हुए बदलाव
- दूसरे राज्यों में चल रही पेंशन व्यवस्थाएं
इन सभी बातों को देखने के बाद पंजाब के लिए संशोधित पेंशन मॉडल या कोई दूसरा विकल्प सुझाया जा सकता है।
पंजाब की प्रस्तावित योजना और UPS में समानता
नई अधिसूचना में यह नहीं कहा गया है कि पंजाब में UPS को ही लागू किया जाएगा। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में कर्मचारी और सरकार दोनों की ओर से योगदान हो सकता है। इसमें तय सेवा अवधि पूरी करने के बाद गारंटीड पेंशन देने की व्यवस्था हो सकती है।
इसी वजह से पंजाब की प्रस्तावित पेंशन व्यवस्था की तुलना UPS से की जा रही है। लेकिन अभी पंजाब में UPS लागू होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार की समीक्षा पूरी होने के बाद ही इस बारे में स्थिति साफ होगी।
OPS, NPS और UPS में मुख्य अंतर
तीनों पेंशन योजनाओं को आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं।
OPS: इसमें कर्मचारी अपने पेंशन फंड में योगदान नहीं करता। रिटायरमेंट के बाद उसे तय नियमों के आधार पर पेंशन मिलती है।
NPS: इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों पेंशन फंड में योगदान करते हैं। इसमें मिलने वाली पेंशन पहले से तय नहीं होती।
UPS: यह भी योगदान वाली पेंशन व्यवस्था है, लेकिन इसमें कुछ शर्तों के तहत पेंशन की गारंटी दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले Subscriber को कम से कम ₹10,000 महीने की पेंशन मिल सकती है। वहीं 25 साल की सेवा पूरी होने पर पिछले 12 महीने के औसत Basic Pay का अधिकतम 50% पेंशन के रूप में मिल सकता है।
पंजाब के NPS कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति
फिलहाल पंजाब सरकार के जो कर्मचारी OPS के तहत नहीं आते हैं, वे NPS में शामिल हैं। नवंबर 2022 में सरकार ने NPS वाले कर्मचारियों को OPS का लाभ देने की घोषणा की थी।
अब नई अधिसूचना के बाद प्रस्तावित पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। सरकार UPS और दूसरे राज्यों की पेंशन व्यवस्थाओं को भी देख रही है। इसके बाद पंजाब की पेंशन व्यवस्था को लेकर आगे का फैसला स्पष्ट होगा।
संशोधित पेंशन व्यवस्था पर कब साफ होगी तस्वीर?
फिलहाल पंजाब की नई पेंशन व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार को समीक्षा के लिए चार महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस दौरान अलग-अलग पेंशन व्यवस्थाओं और उनके प्रशासनिक व वित्तीय पहलुओं को देखा जाएगा।
समीक्षा पूरी होने के बाद पंजाब की संशोधित पेंशन व्यवस्था को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।